निर्णायक मंडल (जूरी पैनल)

पारदर्शिता और निष्पक्षता की गारंटी

बाँदा गौरव सम्मान – संघर्ष से सफलता कार्यक्रम में पारदर्शिता, निष्पक्षता और गुणवत्ता सुनिश्चित करने हेतु एक अनुभवी एवं प्रतिष्ठित निर्णायक समिति का गठन किया गया है। यह समिति सभी नामांकनों की गहन समीक्षा कर, संघर्ष, सामाजिक योगदान और प्रामाणिकता के आधार पर योग्य प्रतिभाओं का चयन करेगी।

निर्णायक मंडल के सम्मानित सदस्यगण

पद्मश्री उमाशंकर पाण्डेय

पद्मश्री उमाशंकर पाण्डेय

जल योद्धा, पद्मश्री सम्मान से अलंकृत

युवराज सिंह

युवराज सिंह

पूर्व विधायक व पूर्व एम.एल.सी.

डॉ. एन. के. बाजपेयी

डॉ. एन. के. बाजपेयी

निदेशक, प्रसार, बाँदा कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (BUAT), बाँदा

के. डी. सिंह

के. डी. सिंह

अपर परिवहन आयुक्त, उत्तर प्रदेश परिवहन विभाग, लखनऊ

सुधीर निगम

सुधीर निगम

वरिष्ठ पत्रकार

अशोक त्रिपाठी 'जीतू'

अशोक त्रिपाठी 'जीतू'

वरिष्ठ वकील, राजनेता एवं सामाजिक कार्यकर्ता

डॉ. चंद्रिका प्रसाद दीक्षित ‘ललित’

डॉ. चंद्रिका प्रसाद दीक्षित ‘ललित’

साहित्यकार, कवि और शिक्षाविद

प्रो. दीपाली गुप्ता

प्रो. दीपाली गुप्ता

क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी, चित्रकूटधाम मंडल

निर्णायक प्रक्रिया

1

नामांकन समीक्षा

सभी नामांकनों की गहन समीक्षा और दस्तावेज़ों का मूल्यांकन

2

मापदंड मूल्यांकन

संघर्ष, सामाजिक योगदान और प्रामाणिकता के आधार पर मूल्यांकन

3

अंतिम चयन

सर्वसम्मति से योग्य प्रतिभाओं का अंतिम चयन

निर्णायक मंडल के सिद्धांत

पारदर्शिता

सभी निर्णय पूर्ण पारदर्शिता के साथ लिए जाते हैं। चयन प्रक्रिया में कोई भेदभाव नहीं किया जाता।

निष्पक्षता

सभी नामांकनों का निष्पक्ष मूल्यांकन किया जाता है। व्यक्तिगत संबंधों का कोई प्रभाव नहीं।

गुणवत्ता

उच्चतम गुणवत्ता मापदंडों के आधार पर चयन। संघर्ष और योगदान का विशेष ध्यान।

सामाजिक प्रभाव

समाज पर सकारात्मक प्रभाव डालने वाले व्यक्तियों और संस्थाओं को प्राथमिकता।

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नामांकन प्रक्रिया अभी जारी है

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