बाँदा और बुंदेलखंड की धरती सिर्फ ऐतिहासिक नहीं, बल्कि संघर्षशील आत्माओं की भूमि रही है। यहाँ के लोगों ने विषम परिस्थितियों, सीमित संसाधनों और सामाजिक चुनौतियों के बावजूद जिस जज्बे और मेहनत से सफलता हासिल की है, वह किसी मिसाल से कम नहीं।
“बाँदा गौरव सम्मान – संघर्ष से सफलता” एक ऐसा प्रयास है, जो उन गुमनाम नायकों को मंच देता है, जिन्होंने अपने संघर्ष से समाज को रोशन किया है – चाहे वो शिक्षक हों, किसान, कलाकार, पत्रकार, डॉक्टर, खिलाड़ी या सामान्य नागरिक।
यह सम्मान सिर्फ पुरस्कार नहीं, बल्कि एक संघर्ष और प्रेरणा की पहचान है, जो यह सिद्ध करता है कि “छोटे शहरों की कहानियां भी बड़ी हो सकती हैं।”
“क्योंकि हर बड़ी सफलता के पीछे एक अनसुनी संघर्ष की कहानी होती है… और अब वो कहानी सुनी जाएगी।”
बाँदा गौरव सम्मान – संघर्ष से सफलता कार्यक्रम में पारदर्शिता, निष्पक्षता और गुणवत्ता सुनिश्चित करने हेतु एक अनुभवी एवं प्रतिष्ठित निर्णायक समिति का गठन किया गया है। यह समिति सभी नामांकनों की गहन समीक्षा कर, संघर्ष, सामाजिक योगदान और प्रमाणिकता के आधार पर योग्य प्रतिभाओं का चयन करेगी।
👩⚖️ निर्णायक मंडल के सम्मानित सदस्यगण
(जल योद्धा, पद्मश्री सम्मान से अलंकृत)
(पूर्व जिलाधिकारी, बाँदा)
(पूर्व विधायक व पूर्व एम.एल.सी.)
(निदेशक, प्रसार,बांदा कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (BUAT) , बांदा)
(वरिष्ठ वकील, राजनेता एवं सामाजिक कार्यकर्ता)
साहित्यकार,कवि और शिक्षाविद
(वरिष्ठ पत्रकार)
(शिक्षाविद एवं समाजसेवी)
(प्राचार्या , राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय, बाँदा)
P.C.S. ज्वाइंट कमिश्नर
संस्थापक, बुंदेलखंड न्यूज़
सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट मैनेजर
डी.एफ.सी.सी. (रेल मंत्रालय)
लेखाकार
समाजसेवी
शिक्षक
युवा नेता
प्रधान संपादक, बुंदेलखंड न्यूज़
व्यवसायी
समाजसेवी
उद्यमी







बाँदा गौरव सम्मान को सफल बनाने में योगदान देने वाले हमारे मूल्यवान सहयोगियों का हार्दिक आभार
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